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सारे त्योहार बाजारु होगे , ईब पहले आली तीज कोन्या

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कोथली ....................…...............…................ बूड्ढी बैट्ठी घर के बारणे , छोरी पतासे बाट्टण आई करले दादी मुह नैं मिट्ठा मेरी मां की कोथली आई बूड्ढी बोल्ली के खाउं लाड़ो , घर की बणी या चीज कोन्या सारे त्योहार बाजारु होगे , ईब पहले आली तीज कोन्या कोथली तो वा होवै थी जो म्हारे टैम पै आया करदी सारी चीज बणा कै घरनै मेरी मां भिजवाया करदी पांच सात सेर कोथली मैं गुड़ की बणी सुहाली होंदी गैल्या खांड के खुरमें हों थे, मट्ठी भी घर आली होंदी सेर दो सेर जोवे हों थे, जो बैठ दोफारे तोड्या करदी पांच सात होती तीळ कोथली मैं जो बेटी खातर जोड़्या करदी एक बढिया तील सासू की, सूट ननद का आया करदा मां बांध्या करदी कोथली मेरा भाई लेकै आया करदा हम ननद भाभी झूल्या करदी झूल घाल कै साम्मण की घोट्या आली उड़ै चुंदड़ी लहर उठै थी दाम्मण की डोलै डोलै आवै था भाई देख कै भाज्जी जाया करदी बोझ होवै था कोथली मैं छोटी ननदी लिवाया करदी बैठ साळ मैं सासू मेरी कोथली नैं खोल्या करदी बोझ कितना सै कोथली मैं आंख्या ए आंख्या मैं तोल्या करदी फेर पीहर की बणी वे सुहाली सारी गाल मैं बाट्...

ज्ञान मंथन एक नजर

  *ज्ञान मंथन*  * हमारे चार वेद है।* 1] ऋग्वेद 2] सामवेद 3] अथर्ववेद 4] यजुर्वेद ********************* * कुल 6 शास्त्र है।* 1] वेदांग 2] सांख्य 3] निरूक्त 4] व्याकरण 5] योग 6] छंद ******************************** * हमारी 7 नदियां * 1] गंगा 2] यमुना 3] गोदावरी 4] सरस्वती 5] नर्मदा 6] सिंधु 7] कावेरी **************************     * हमारे 18 पुराण * 1] मत्स्य पुराण 2] मार्कण्डेय पुराण 3] भविष्य पुराण 4] भगवत पुराण 5] ब्रह्मांड पुराण 6] ब्रह्मवैवर्त पुराण 7] ब्रह्म पुराण 8] वामन पुराण 9] वराह पुराण 10] विष्णु पुराण 11] वायु पुराण 12] अग्नि पुराण 13] नारद पुराण 14] पद्म पुराण 15] लिंग पुराण 16] गरुड़ पुराण 17] कूर्म पुराण 18] स्कंद पुराण ****************************       * पंचामृत * 1] दूध 2] दहीं 3] घी 4] मधु 5] शक्कर ***********************     * पंचतत्व * 1] पृथ्वी 2] जल 3] तेज 4] वायु 5] आकाश ***********************     * तीन गुण * 1] सत्व् 2] रज् 3] तम्...

प्रकृतिक रूप से बनाया म्हारा गांव स्पॉट, यहां दिखता है जहरमुक्त खेती का ठेठ हरियाणा

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- देशी नस्लों की गायों की डेयरी और 11 एकड़ में बिना खाद दवाई के करते हैं फसल पैदा - विभिन्न राज्यों से किसान लेने पहुंच रहे आर्गेनिक खेती का प्रशिक्षण - हाथों हाथ बड़े घरानों और होटलों में बिक जाती है फसलें जितेंद्र बूरा. मुरथल में लजीज खाने के दम पर फलते-फूलते मुरथल के ढाबे तो दूसरी तरफ आधुनिकता की रफ्तार से फैलता सोनीपत शहर। इसके बीच देवडू गांव के खेतों में इन दिनों जहरमुक्त खेती के अनोखे प्रयोग हो रहे हैं। दो एकड़ में पूरी तरह प्राकृतिक रूप से एक अलग म्हारा गांव स्पॉट बना दिया गया है। साथ लगती 11 एकड़ जमीन में ऑर्गेनिक खेती के तहत फसलें पैदा की जा रही है। देशी नस्ल की गायों की डेयरी बनाई गई है। विभिन्न राज्यों से किसान जहरमुक्त खेती का प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे हैं। ठेठ हरियाणवी अंदाज में उनके रहने और देशी रसोई में बने पकवानों से खाने की व्यवस्था की जा रही है। करीब 40 लाख रुपए लागत से श्रीकृष्ण गौशाला ट्रस्ट मेहंदीपुर द्वारा इस अभियान की शुरुआत की है। ट्रस्ट इससे पहले महेंदीपुर में गौ संवर्धन एवं अनुसंधान केंद्र चला रही है। अब लोगों को बिना पेस्टीसाइड और देशी गोबर के ख...

सोनीपत का आइना बनेगा स्वर्णप्रस्थ संग्राहलय

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- कोर्ट मोहल्ले में बिल्डिंग सौंदर्यकरण के बाद प्राचीन वस्तुओं का सजाने का चल रहा काम  - पर्यटकों के लिए खास रेस्टोरेंट भी होगा जिसमें मिलेगा हरियाणवी व्यंजन का स्वाद  जितेंद्र बूरा. इतिहास केवल भोगा हुआ सच ही नहीं, बल्कि वर्तमान का आधार और भविष्य का बीजारोपण भी है। यमुना किनारे और दिल्ली से सटा स्वर्णप्रस्थ समय के साथ सोनीपत हो गया। अब शहर के बीच ऊंचे मिट्टी के थड़े पर बनी ब्रिटिश हुकूमत की कोर्ट बिल्डिंग जल्द ही इतिहास की गवाही देगी। जिला प्रशासन के सहयोग से सोसाइटी फॉर दी डेवलपमेंट एंड ब्यूटीफिकेशन ऑफ दी सोनीपत टाउन यहां स्वर्णप्रस्थ संग्राहलय बना रही है। हरियाणवी संस्कृति, अंग्रेजी हुकुमत से लेकर समय-समय पर आए बदलावों की झलक दिखाती 100 साल पुरानी वस्तुओं को इसमें सहेजने का कार्य चल रहा है। संग्राहलय सोनीपत का आइना होगा। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को हरियाणवी व्यंजन का स्वाद देने के लिए खास रेस्टोरेंट तैयार हो रहा है। अगले चार माह में संग्रहालय लोकार्पण के लिए तैयार हो जाएगा।  13 लाख अाबादी वाले सोनीपत जिले का क्षेत्रफल 2,260 वर्ग किलोमीटर है। साक्ष...

हरियाणा में राजस्व विभाग की भाषा

राजस्व भाषा की जानकारी - 1 आबादी देह→ गॉंव का बसा हुआ क्षेत्र । 2 मौजा→ ग्राम 3 हदबस्त →त्हसील में गॉंव का सिलसिलावार नम्बर । 4 मौजा बेचिराग →बिना आबादी का गॉंव । 5 मिसल हकीयत→ बन्दोबस्त के समय विस्तारपूर्वक तैयार की गई जमाबन्दी । 6 जमाबन्दी→ भूमि की मलकियत व बोने के अधिकारों की पुस्तक । 7 इन्तकाल →मलकियत की तबदीली का आदेश । 8 खसरा गिरदावरी→ खातेवार मलकियत,बोने व लगान का रजिस्टर । 9 लाल किताब →गॉंव की भूमि से सम्बन्धित पूर्ण जानकारी देने वाली पुस्तक । 11 शजरा नसब→ भूमिदारों की वंशावली । 12 पैमाईश →भूमि का नापना । 13 गज →भूमि नापने का पैमाना । 14 अडडा →जरीब की पडताल करने के लिए भूमि पर बनाया गया माप । 15 जरीब →भूमि नापने की 10 कर्म लम्बी लोहे की जंजीर । 16 गठठा →57.157 ईंच जरीब का दसवां भाग । 17 क्रम →66 ईंच लम्बा जरीब का दसवां भाग । 18 क््रास →लम्ब डालने के लिए लकडी का यन्त्र । 19 झण्डी →लाईन की सीधाई के लिए 12 फुट का बांस । 20 फरेरा→ दूर से झण्डी देखने के लिए बांस पर बंधा तिकोना रंग बिरंगा कपडा । 21 सूए →पैमाईश के लिए एक फुट सरिया । 22 पैमाना पीतल →म्सावी बनाने क...

जोहड़ पर दशहरे की शाम को छोरियों का सांझी तैराण का और छोरयां का लठ घुमाण का टेम ना रहा

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जितेंद्र बूरा.. पेंट से चमकती दीवार भी इस बार अपनी ओर ध्यान नहीं खींच रही है। नवरात्रों के नौ दिन बीते पर घर में अनोखे मेहमान की हाजिरी नहीं हुई। न हर दिन उसे खिलाने के लिए व्यंजन बने। अब दशहरे की शाम आ गई। रावण के पुतले जलाकर उत्साहित गांव के लोग घरों में मिठाई बांट रहे हैं। फिर भी न जानेे क्यों बहुत कुछ फीका है। अंधेरा छा गया है किसी की विदाई का महोत्सव नहीं है। तालाब पर सन्नाटा है और युवतियों आैर महिलाओं के गीतों की गूंज सुनाई नहीं दे रही। गांव के युवा छोरे घर पर ही मोबाइल फोन पर दशहरे की वीडियो शेयर कर रहे हैं। घर के दरवाजे के पीछे रखी दादा, पापा की लाठी आज भी एक जगह खड़ी सिसकियां ले रही है। उसे तो तालाब पर अपना करतब दिखाना था।  मैने भी होंसला कर ही लिया चलो मैं ही शुरुआत करता हूं। कोणे में रखी वो लाठी उठाई और चल दिया जोहड़ की ओर। तालाब का पानी अब गांव की गंदगी से मैला हो गया है। गांव वालोंं का घुसना तो दूर अब तो पशुओं को भी कम ही इसमें ले जाते हैं। चांद-तारों की चमक पानी पर जरूर है लेकिन दूर-दूर तक वो पानी में तैरती अनोखी आग नजर नहीं आ रही। किनारे बैठ यूं ही वे बचपन की यादे...

थोड़ी सी जै करें समझदारी, आंवे निकट ना कोई बीमारी

हफ्ता दस दिन म एक दो घंटा अपणे बूढ्या के गेल बैठ क देखो। जिंदगी का अनुभव बहोत किमे सिखा दे स...। पानी में गुड़ डालिए, बीत जाए जब रात! सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!! *धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!* दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!! *ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!* कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!! *प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!* बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!! *ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!* करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाधार!! *भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!* चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!! * प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!* सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!! *प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!* तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!! *भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!* डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !! *घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!* एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!! *अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!* पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!! *रक्तचाप बढने लग...