संदेश

म्हारा हरियाणा-ठेठ हरियाणा लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हरियाणा के वाहन नंबर प्लेट के कोड

 हरियाणा के वाहन नंबर प्लेट के कोड: HR-01 अम्बाला HR-02 यमुनानगर HR-03 पंचकुला HR-04 नारायणगढ़ HR-05 करनाल HR-06 पानीपत HR-07 कुरुक्षेत्र HR-08 कैथल HR-09 गुहला HR-10 सोनीपत HR-11 गोहाना HR-12 रोहतक HR-13 बहादुरगढ़ HR-14 झज्जर HR-15 महम HR-16 भिवानी HR-17 सिवानी HR-18 लोहारु HR-19 चरखी दादरी HR-20 हिसार HR-21 हांसी HR-22 फतेहाबाद HR-23 टोहाना HR-24 सिरसा HR-25 डबवाली HR-26 गुडगाँव (नार्थ) HR-27 नूह HR-28 फिरोज़पुर झिरका HR-29 बल्लबगढ़ HR-30 पलवल HR-31 जीन्द HR-32 नरवाना HR-33 सफीदों HR-34 मोहिन्दरगढ़ HR-35 नारनौल HR-36 रेवाड़ी HR-37 अम्बाला (कमर्शियल) HR-38 फरीदाबाद (कमर्शियल) HR-39 हिसार (कमर्शियल) HR-40 अस्संध HR-41 पेहोवा HR-42 गनौर HR-43 कोसली HR-44 एल्लेनबाद HR-45 करनाल (कमर्शियल) HR-46 रोहतक (कमर्शियल) HR-47 रेवाड़ी (कमर्शियल) HR-48 तोशाम HR-49 कालका HR-50 होडल HR-51 फरीदाबाद HR-52 हथीन HR-53 आदमपुर HR-54 अम्बाला- बरारा HR-55 गुडगाँव (कमर्शियल) HR-56 जींद (कमर्शियल) HR-57 सिरसा (कमर्शियल) HR-58 जगाधरी- यमुनानगर (कमर्शियल) HR-59 रतिया HR-60 समालखा HR-61 भिवानी (कमर्शियल) HR-62 फतेहा...

जोहड़ पर दशहरे की शाम को छोरियों का सांझी तैराण का और छोरयां का लठ घुमाण का टेम ना रहा

चित्र
जितेंद्र बूरा.. पेंट से चमकती दीवार भी इस बार अपनी ओर ध्यान नहीं खींच रही है। नवरात्रों के नौ दिन बीते पर घर में अनोखे मेहमान की हाजिरी नहीं हुई। न हर दिन उसे खिलाने के लिए व्यंजन बने। अब दशहरे की शाम आ गई। रावण के पुतले जलाकर उत्साहित गांव के लोग घरों में मिठाई बांट रहे हैं। फिर भी न जानेे क्यों बहुत कुछ फीका है। अंधेरा छा गया है किसी की विदाई का महोत्सव नहीं है। तालाब पर सन्नाटा है और युवतियों आैर महिलाओं के गीतों की गूंज सुनाई नहीं दे रही। गांव के युवा छोरे घर पर ही मोबाइल फोन पर दशहरे की वीडियो शेयर कर रहे हैं। घर के दरवाजे के पीछे रखी दादा, पापा की लाठी आज भी एक जगह खड़ी सिसकियां ले रही है। उसे तो तालाब पर अपना करतब दिखाना था।  मैने भी होंसला कर ही लिया चलो मैं ही शुरुआत करता हूं। कोणे में रखी वो लाठी उठाई और चल दिया जोहड़ की ओर। तालाब का पानी अब गांव की गंदगी से मैला हो गया है। गांव वालोंं का घुसना तो दूर अब तो पशुओं को भी कम ही इसमें ले जाते हैं। चांद-तारों की चमक पानी पर जरूर है लेकिन दूर-दूर तक वो पानी में तैरती अनोखी आग नजर नहीं आ रही। किनारे बैठ यूं ही वे बचपन की यादे...