छह बेटियों के बाद भी बेटा नहीं हुआ तो छोड़ गया पति, सोशलिस्ट युवाओं ने छह लाख जुटा भरा दो बेटियों का भात

- हर्ष छिक्कारा टीम ने सोशल मीडिया पर की सहयोग की अपील तो जरूरतमंद परिवार के खाते में हर वर्ग के लोगों की दान राशि - 104 जरूरतमंद परिवारों की करवा चुके 4.15 करोड़ की इसी तरह सहायता जितेंद्र बूरा. शिवानका गांव में एक कमरे के कच्चे घर में रह रही महिला को हालात के ऐसे थपेड़े लगे की पति को बेटे की बेटे की चाह में छह बेटियां पैदा हो गई। छोटी बेटी डेढ साल की भी नहीं थी कि पति उसे छोड़कर चला गया। परिजन भी दूर हो गए। शादियों में बर्तन सफाई कर गुजारा चलाने वाली महिला की खुद की दो बेटियां शादी लायक हुई। शादी का दिन आया तो धर्म के भाई बने विभिन्न वर्ग के युवाओं की कतार भात भरने के लिए दरवाजे पर थी। सोशलिस्ट हर्ष छिक्कारा ने सामाजिक सहयोग से युवाओं की टोली के साथ 6 लाख 5100 रुपए का भात भरा। गांव में छह बेटियों की साथ रह रही महिला के घर पर मंगल गीत गाए जा रहे थे। दो बेटियों की शादी थी लेकिन न पति साथ और न ही मायके से परिवार से भाई। फिर भी जब भात भरने की रस्म अदायगी होने लगी तो धर्म के भाई बने युवाओं की टोली दरवाजे पर पहुंच गई। मंगल गीतों के बीच तिलक और हाथों में लड्डू लेकर भात भरने की...